Love Shayari in Hindi, हिंदी में लव शायरी और रोमांटिक कविता
Love Shayari & Romantic Poetry in Hindi - हिंदी में लव शायरी अपने शब्दों और भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे अच्छा तरीका है। अपनी भावना को शब्दों में व्यक्त करने का शानदार संग्रह देखें। यह अनुभाग हिंदी में सभी नवीनतम रोमांटिक शायरी के विशाल डेटा पर आधारित है जो आपके परिवार, दोस्तों और प्रियजनों को समर्पित किया जा सकता है। इस दुनिया के सबसे बड़े हिंदी प्रेम शायरी संकलन के साथ दिल की आंतरिक भावनाओं को व्यक्त करें जो किसी व्यक्ति को शब्दों के माध्यम से भावनाओं को दिखाने की पेशकश करता है।
जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
शाम हुए ख़ुश-बाश यहाँ के मेरे पास आ जाते हैं
मेरे बुझने का नज़्ज़ारा करने आ जाते होंगे
वो जो न आने वाला है ना उस से मुझ को मतलब था
आने वालों से क्या मतलब आते हैं आते होंगे
उस की याद की बाद-ए-सबा में और तो क्या होता होगा
यूँही मेरे बाल हैं बिखरे और बिखर जाते होंगे
यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का
वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे
मेरा साँस उखड़ते ही सब बैन करेंगे रोएँगे
या'नी मेरे बा'द भी या'नी साँस लिए जाते होंगे
दाग़ ही देंगे मुझ को दान में क्या
मेरी हर बात बे-असर ही रही
नुक़्स है कुछ मिरे बयान में क्या
मुझ को तो कोई टोकता भी नहीं
यही होता है ख़ानदान में क्या
अपनी महरूमियाँ छुपाते हैं
हम ग़रीबों की आन-बान में क्या
ख़ुद को जाना जुदा ज़माने से
आ गया था मिरे गुमान में क्या
शाम ही से दुकान-ए-दीद है बंद
नहीं नुक़सान तक दुकान में क्या
ऐ मिरे सुब्ह-ओ-शाम-ए-दिल की शफ़क़
तू नहाती है अब भी बान में क्या
बोलते क्यूँ नहीं मिरे हक़ में
आबले पड़ गए ज़बान में क्या
ख़ामुशी कह रही है कान में क्या
आ रहा है मिरे गुमान में क्या
दिल कि आते हैं जिस को ध्यान बहुत
ख़ुद भी आता है अपने ध्यान में क्या
वो मिले तो ये पूछना है मुझे
अब भी हूँ मैं तिरी अमान में क्या
यूँ जो तकता है आसमान को तू
कोई रहता है आसमान में क्या
है नसीम-ए-बहार गर्द-आलूद
ख़ाक उड़ती है उस मकान में क्या
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता
एक ही शख़्स था जहान में क्या
मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए
अल्लाह बरकतों से नवाज़ेगा इश्क़ में
है जितनी पूँजी पास लगा देनी चाहिए
दिल भी किसी फ़क़ीर के हुजरे से कम नहीं
दुनिया यहीं पे ला के छुपा देनी चाहिए
मैं ख़ुद भी करना चाहता हूँ अपना सामना
तुझ को भी अब नक़ाब उठा देनी चाहिए
मैं फूल हूँ तो फूल को गुल-दान हो नसीब
मैं आग हूँ तो आग बुझा देनी चाहिए
मैं ताज हूँ तो ताज को सर पर सजाएँ लोग
मैं ख़ाक हूँ तो ख़ाक उड़ा देनी चाहिए
मैं जब्र हूँ तो जब्र की ताईद बंद हो
मैं सब्र हूँ तो मुझ को दुआ देनी चाहिए
मैं ख़्वाब हूँ तो ख़्वाब से चौंकाइए मुझे
मैं नींद हूँ तो नींद उड़ा देनी चाहिए
सच बात कौन है जो सर-ए-आम कह सके
मैं कह रहा हूँ मुझ को सज़ा देनी चाहिए
दिल के बाज़ार में बैठे हैं ख़सारा कर के
आते जाते हैं कई रंग मिरे चेहरे पर
लोग लेते हैं मज़ा ज़िक्र तुम्हारा कर के
एक चिंगारी नज़र आई थी बस्ती में उसे
वो अलग हट गया आँधी को इशारा कर के
आसमानों की तरफ़ फेंक दिया है मैं ने
चंद मिट्टी के चराग़ों को सितारा कर के
मैं वो दरिया हूँ कि हर बूँद भँवर है जिस की
तुम ने अच्छा ही किया मुझ से किनारा कर के
मुंतज़िर हूँ कि सितारों की ज़रा आँख लगे
चाँद को छत पे बुला लूँगा इशारा कर के
जान होती तो मिरी जान लुटाते जाते
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है
उम्र गुज़री है तिरे शहर में आते जाते
अब के मायूस हुआ यारों को रुख़्सत कर के
जा रहे थे तो कोई ज़ख़्म लगाते जाते
रेंगने की भी इजाज़त नहीं हम को वर्ना
हम जिधर जाते नए फूल खिलाते जाते
मैं तो जलते हुए सहराओं का इक पत्थर था
तुम तो दरिया थे मिरी प्यास बुझाते जाते
मुझ को रोने का सलीक़ा भी नहीं है शायद
लोग हँसते हैं मुझे देख के आते जाते
हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते
चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है
एक दीवाना मुसाफ़िर है मिरी आँखों में
वक़्त-बे-वक़्त ठहर जाता है चल पड़ता है
अपनी ताबीर के चक्कर में मिरा जागता ख़्वाब
रोज़ सूरज की तरह घर से निकल पड़ता है
रोज़ पत्थर की हिमायत में ग़ज़ल लिखते हैं
रोज़ शीशों से कोई काम निकल पड़ता है
उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो
राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलें
रास्ते आवाज़ देते हैं सफ़र जारी रखो
एक ही नद्दी के हैं ये दो किनारे दोस्तो
दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो
आते जाते पल ये कहते हैं हमारे कान में
कूच का ऐलान होने को है तय्यारी रखो
ये ज़रूरी है कि आँखों का भरम क़ाएम रहे
नींद रखो या न रखो ख़्वाब मेयारी रखो
ये हवाएँ उड़ न जाएँ ले के काग़ज़ का बदन
दोस्तो मुझ पर कोई पत्थर ज़रा भारी रखो
ले तो आए शाइरी बाज़ार में 'राहत' मियाँ
क्या ज़रूरी है कि लहजे को भी बाज़ारी रखो
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में
शाम के साए बालिश्तों से नापे हैं
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में
रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में
जाने किस का ज़िक्र है इस अफ़्साने में
दर्द मज़े लेता है जो दोहराने में
दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में
हम इस मोड़ से उठ कर अगले मोड़ चले
उन को शायद उम्र लगेगी आने में
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते
जिस की आवाज़ में सिलवट हो निगाहों में शिकन
ऐसी तस्वीर के टुकड़े नहीं जोड़ा करते
लग के साहिल से जो बहता है उसे बहने दो
ऐसे दरिया का कभी रुख़ नहीं मोड़ा करते
जागने पर भी नहीं आँख से गिरतीं किर्चें
इस तरह ख़्वाबों से आँखें नहीं फोड़ा करते
शहद जीने का मिला करता है थोड़ा थोड़ा
जाने वालों के लिए दिल नहीं थोड़ा करते
जा के कोहसार से सर मारो कि आवाज़ तो हो
ख़स्ता दीवारों से माथा नहीं फोड़ा करते
जैसे एहसाँ उतारता है कोई
दिल में कुछ यूँ सँभालता हूँ ग़म
जैसे ज़ेवर सँभालता है कोई
आइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई
पेड़ पर पक गया है फल शायद
फिर से पत्थर उछालता है कोई
देर से गूँजते हैं सन्नाटे
जैसे हम को पुकारता है कोई
गर इक अदा हो तो उसे अपनी क़ज़ा कहूँ
हल्क़े हैं चश्म-हा-ए-कुशादा ब-सू-ए-दिल
हर तार-ए-ज़ुल्फ़ को निगह-ए-सुर्मा-सा कहूँ
मैं और सद-हज़ार नवा-ए-जिगर-ख़राश
तू और एक वो न-शुनीदन कि क्या कहूँ
ज़ालिम मिरे गुमाँ से मुझे मुन्फ़इल न चाह
है है ख़ुदा-न-कर्दा तुझे बेवफ़ा कहूँ
हज़र करो मिरे दिल से कि इस में आग दबी है
दिला ये दर्द-ओ-अलम भी तो मुग़्तनिम है कि आख़िर
न गिर्या-ए-सहरी है न आह-ए-नीम-शबी है
नज़र ब-नक़्स-ए-गदायाँ कमाल-ए-बे-अदबी है
कि ख़ार-ए-ख़ुश्क को भी दावा-ए-चमन-नसबी है
हुआ विसाल से शौक़-ए-दिल-ए-हरीस ज़ियादा
लब-ए-क़दह पे कफ़-ए-बादा जोश-ए-तिश्ना-लबी है
ख़ुशा वो दिल कि सरापा तिलिस्म-ए-बे-ख़बरी हो
जुनून ओ यास ओ अलम रिज़्क़-ए-मुद्दआ-तलबी है
चमन में किस के ये बरहम हुइ है बज़्म-ए-तमाशा
कि बर्ग बर्ग-ए-समन शीशा रेज़ा-ए-हलबी है
इमाम-ए-ज़ाहिर-ओ-बातिन अमीर-ए-सूरत-ओ-मअनी
'अली' वली असदुल्लाह जानशीन-ए-नबी है
Love Shayari in Hindi
हिंदी में लव शायरी प्यार के समान चाहत, हुस्न, इश्क, प्यार, मोहब्बत जैसी शायरी पेश करती है और इसके साथ ही अहमद फ़राज़, परवीन शाकिर और वासी शाह की ओर से हिंदी में 2 और 4 पंक्तियाँ मौजूद हैं। यहां हिंदी में अपडेटेड लव शायरी है।
हिंदी में रोमांटिक शायरी किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक प्रभावी माध्यम है जो आपके लिए बहुत खास है। इसका एक कारण यह है कि कवि विभिन्न भाषाओं में प्रेम कविताएँ लिखते हैं। हिंदी में रोमांटिक कविता लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है क्योंकि वे अक्सर अपने प्रियजनों के साथ हिंदी में कविता साझा करते हैं या पसंद करते हैं। यहां आप गजल और नज्म समेत अलग-अलग विधाओं की शायरी पढ़ सकते हैं।
प्रेम कविता, एक कालातीत कला रूप है, जिसमें प्रेम के सार को उसके शुद्धतम और सबसे आकर्षक रूप में पकड़ने की उल्लेखनीय क्षमता है। सावधानी से तैयार किए गए छंदों के माध्यम से, कवि भावनाओं की एक ज्वलंत चित्रांकनी चित्रित करते हैं, जुनून की लपटों को प्रज्वलित करते हैं और दिलों को स्पंदन करने के लिए प्रेरित करते हैं। हमारे साथ जुड़ें क्योंकि हम रोमांटिक और प्रेम कविता की दुनिया के माध्यम से एक यात्रा पर निकल रहे हैं, इसके मनोरम आकर्षण और स्थायी प्रासंगिकता की खोज कर रहे हैं। प्रेम और रोमांटिक कविता भावनाओं के भाषाई नृत्य के रूप में काम करती है, जहां शब्द नए आयाम लेते हैं, पाठक पर एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला जादू बुनते हैं।
शायरी एक प्रकार की कलात्मक अभिव्यक्ति है जो दिल की आंतरिक भावनाओं को दर्शाती है। कविता सरल, स्पष्ट भाषा के साथ स्पष्ट विचारों को संप्रेषित कर सकती है, या वे जटिल, अभेद्य भाषा का उपयोग करके अस्पष्ट, यहां तक कि अनिश्चित विचारों को भी संप्रेषित कर सकती हैं। कविता में प्रेम एक लोकप्रिय विषय है, लेकिन एक सुंदर प्रेम कविता लिखना कठिन हो सकता है। इसलिए यहां हमने प्रसिद्ध कवियों की हिंदी में सभी खूबसूरत प्रेम कविताएं एकत्र की हैं जो आपको प्रेमिका के लिए हिंदी में प्रेम कविताएं ढूंढने में मदद करेंगी।
कविता संचार और सौन्दर्यात्मक अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। जो बात सबसे ज्यादा मायने रखती है वह यह है कि जब आप कोई कविता पढ़ते हैं तो क्या आप उसे अपनी भावनाओं से जोड़ते हैं? यदि हां, तो यह रोमांटिक शायरी इन हिंदी पेज आपकी खोज के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। एक सॉनेट या तुकबंदी, जो निराशा या खुशी की गहरी भावनाओं को चित्रित करती है, को भी प्रेम कविताओं में शामिल किया जा सकता है। हालाँकि, हिंदी में मिर्ज़ा ग़ालिब, अल्लामा इकबाल, गुलज़ार और कई अन्य जैसे जाने-माने कवियों द्वारा लिखी गई प्रेम ग़ज़लें, नज़्म, शायर और 2 लाइन प्रेम शायरी की विविधता यहाँ उपलब्ध है। हमारी विस्तृत विविधता के साथ, सभी शायरी उत्साही आराधना की मजबूत, गहन भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं। आपकी सभी भावनाएँ आपकी प्रेमिका, प्रेमी, पत्नी, प्रेमी, जीवनसाथी या किसी विशेष व्यक्ति पर केंद्रित होती हैं। इस पृष्ठ पर संकलित सभी कविताएँ देखें।
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- Thu 21 May, 2026
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- Fri 15 May, 2026






